Poetry By Richa

Standard

Advertisements

आंशु के मोती

Standard

जिंदगी है कहीं अब छुटी पीछे
उन आशुओं के साथ जो,
तुम छोड़ गए थे अपने जाने के बाद
अब तो हर तरफ बस हमें आते है नज़र,
वही पुराने टूटे सपनो के बिखरे मोती
जैसे वो हो कह रहे के,
लौट आयेंगे वो जो गए थे पहले
दे तेरे पलकों पे आंशु के मोती………
रौशन

आपके इन्तेज़ार में (funny)

Standard

इन्तेज़ार में मेरी आखें पत्थर हो गयी …

अब तक आई न खबर आपकी ….

कभी तो आयी हमारे आशियाने में

मिलेंगे बैठेंगे और बातें करेंगे …

वरना आपकी याद के सहारे ही

हम केंडल लाइट डिनर करेंगे

फिर न कहियेगा के

हमने दिया धोखा आपको …

रौशन

हर एक पल कि…

Standard

Devil:- क्यूँ..जिंदगी  में कभी कभी ऐसे मुकाम आते है…
जहाँ सबके होते हुए भी….एक खालीपन का रहता है एहसास …..
क्यूँ…लगती है  राहें  सुनी सुनी…..
क्यूँ लगती है जिंदगी एक बीरान ..
क्यूँ लगता है के परछाईयाँ भी नहीं है साथ मेरे,
आखिर  क्यूँ ?

Angle:- अपनी नज़रो को बदल के देखो
खालीपन  का नामो   निशान  न होगा…..
रास्ते  होंगी मुस्किल  पर
हर अच्छे  दोस्त का साथ होगा.

Devli:- कितनी दूर  निभाओगे  साथ आप…..
हर पल देखा है अपनों   को बिछड़ते इन राहों  में….
हर पल की है यही सचाई ….
क्या करें एक पल की है ये दुनिया…
हर एक पल कि है यही कहानी

Roushan n Richa

Specially 4 ma best friend Richa ( completed on 27th june 2008, 10:44 am)

Standard

तेरी वो मुस्कुराहट
तेरा वो प्यार भरा हाथ
तेरा वो हँसना और मुझे हँसाना
तेरा वो बोलना और मेरा सुनते रहना

हमारी वो पहेली मुलाकात
आज भी है याद मुझे
वोह लगती नहीं पुरानी
जैसे अभी हो बात कल की

तेरी वो सच्चाई और सादगी
या फिर तेरा वो प्यार भरा हाथ
तेरे बिना मेरी जिंदगी लगेगी
एक अनसुलझी पहेली

तेरी आखोँ में
देखी मैंने सच्चाई
वो न था एक छलावा

तू है मेरी सच्ची  साथी
तेरे जैसा दोस्त पा कर
हुआ है गुमान मुझे अपनी किस्मत पे
कहीं भूल जाना न मुझे

बस तू चल साथ मेरे
जैसे नदी के दो किनारे
तेरे बिना मेरी जिंदगी
लगेगी खाली खाली सी
रौशन