हर एक पल कि…

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Devil:- क्यूँ..जिंदगी  में कभी कभी ऐसे मुकाम आते है…
जहाँ सबके होते हुए भी….एक खालीपन का रहता है एहसास …..
क्यूँ…लगती है  राहें  सुनी सुनी…..
क्यूँ लगती है जिंदगी एक बीरान ..
क्यूँ लगता है के परछाईयाँ भी नहीं है साथ मेरे,
आखिर  क्यूँ ?

Angle:- अपनी नज़रो को बदल के देखो
खालीपन  का नामो   निशान  न होगा…..
रास्ते  होंगी मुस्किल  पर
हर अच्छे  दोस्त का साथ होगा.

Devli:- कितनी दूर  निभाओगे  साथ आप…..
हर पल देखा है अपनों   को बिछड़ते इन राहों  में….
हर पल की है यही सचाई ….
क्या करें एक पल की है ये दुनिया…
हर एक पल कि है यही कहानी

Roushan n Richa

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किसी ने क्या खूब कहा

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किसी ने क्या खूब कहा मुझपे,
दिल्लगी दीवार से तो परी क्या चीज़ है

कभी हमारे मन को टटोल के भी तो देखो
दिल्लगी दीवार से है परी से क्यूँ  नही ये पूछ  के तो देखो

हमने खोया बहुत इस जिंदगी में
कुछ तो अपने साथ रहने दो

परी तो परी है आज नही कल उड़ जानी है
दीवार का है क्या वो तो अपनी जगह है रहा सदा

अगर न हो दीवार बीच  में
तो क्या बाहर  क्या अन्दर

हमने तो की थी मोहबत  एक परी से
पर उसने थी की दिल लगी हमसे

रौशन