याद !!

Standard

याद  करने  से  आया  कुछ  याद  मुझे ,
के  कुछ  रखना  है  याद  मुझे  और
कुछ  है  जाना  भूल , पर  क्या  रखना  है
याद  और  क्या  जाना  है  भूल  ये  याद  नहीं  मुझे

याद  है  मुझे  कुछ  अच्छे और  कुछ  बुरे  पल ,
किस्से  जाऊँ में  भूल , दोनों  है अनमोल  मेरे  लिए ,
क्या  भूल  जाऊँ उन  अच्छे  पलों  को  जो याद  दिलाते  है ,
मेरे  बीते  कल  के  सुनहरे  लम्हे ,

या  भूल  जाओं  में  बीते  कल  के  बुरे  यादों  को ,
जो  मुझे  दिलाते  है  एहसास  के  में  न  करूँ
वो  गलतियाँ  आने  वाले  कल  में ,
मैं हूँ  बड़े  कशमकश में किस्से  जाओं
भूल  आपने  कल  को  या  आपने  आज  को

Roushan

Advertisements

हर एक पल कि…

Standard

Devil:- क्यूँ..जिंदगी  में कभी कभी ऐसे मुकाम आते है…
जहाँ सबके होते हुए भी….एक खालीपन का रहता है एहसास …..
क्यूँ…लगती है  राहें  सुनी सुनी…..
क्यूँ लगती है जिंदगी एक बीरान ..
क्यूँ लगता है के परछाईयाँ भी नहीं है साथ मेरे,
आखिर  क्यूँ ?

Angle:- अपनी नज़रो को बदल के देखो
खालीपन  का नामो   निशान  न होगा…..
रास्ते  होंगी मुस्किल  पर
हर अच्छे  दोस्त का साथ होगा.

Devli:- कितनी दूर  निभाओगे  साथ आप…..
हर पल देखा है अपनों   को बिछड़ते इन राहों  में….
हर पल की है यही सचाई ….
क्या करें एक पल की है ये दुनिया…
हर एक पल कि है यही कहानी

Roushan n Richa

किसी ने क्या खूब कहा

Standard

किसी ने क्या खूब कहा मुझपे,
दिल्लगी दीवार से तो परी क्या चीज़ है

कभी हमारे मन को टटोल के भी तो देखो
दिल्लगी दीवार से है परी से क्यूँ  नही ये पूछ  के तो देखो

हमने खोया बहुत इस जिंदगी में
कुछ तो अपने साथ रहने दो

परी तो परी है आज नही कल उड़ जानी है
दीवार का है क्या वो तो अपनी जगह है रहा सदा

अगर न हो दीवार बीच  में
तो क्या बाहर  क्या अन्दर

हमने तो की थी मोहबत  एक परी से
पर उसने थी की दिल लगी हमसे

रौशन