Posts Tagged ‘kya’

याद !!

याद  करने  से  आया  कुछ  याद  मुझे ,
के  कुछ  रखना  है  याद  मुझे  और
कुछ  है  जाना  भूल , पर  क्या  रखना  है
याद  और  क्या  जाना  है  भूल  ये  याद  नहीं  मुझे
याद  है  मुझे  कुछ  अच्छे और  कुछ  बुरे  पल ,
किस्से  जाऊँ में  भूल , दोनों  है अनमोल  मेरे  लिए ,
क्या  भूल  जाऊँ उन  अच्छे  पलों  [...]

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हर एक पल कि…

Devil:- क्यूँ..जिंदगी  में कभी कभी ऐसे मुकाम आते है…
जहाँ सबके होते हुए भी….एक खालीपन का रहता है एहसास …..
क्यूँ…लगती है  राहें  सुनी सुनी…..
क्यूँ लगती है जिंदगी एक बीरान ..
क्यूँ लगता है के परछाईयाँ भी नहीं है साथ मेरे,
आखिर  क्यूँ ?
Angle:- अपनी नज़रो को बदल के देखो
खालीपन  का नामो   निशान  न होगा…..
रास्ते  होंगी मुस्किल  पर
हर अच्छे  [...]

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किसी ने क्या खूब कहा

किसी ने क्या खूब कहा मुझपे,
दिल्लगी दीवार से तो परी क्या चीज़ है
कभी हमारे मन को टटोल के भी तो देखो
दिल्लगी दीवार से है परी से क्यूँ  नही ये पूछ  के तो देखो
हमने खोया बहुत इस जिंदगी में
कुछ तो अपने साथ रहने दो
परी तो परी है आज नही कल उड़ जानी है
दीवार का है क्या [...]

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