Amardeep:- दोस्त की दोस्ती याद आती है दूर जाने के बाद
Roushan:- तन्हाई में आ जाते है आंशु
दोस्त के आने पे याद
कभी हंसाती कभी रुलाती है दोस्त की याद
कभी मीठे सपनो में, कभी आहों
में आ जाती है उनकी याद
Amardeep “Rahul” n Roushan “DEVIL”
8 Jun
Amardeep:- दोस्त की दोस्ती याद आती है दूर जाने के बाद
Roushan:- तन्हाई में आ जाते है आंशु
दोस्त के आने पे याद
कभी हंसाती कभी रुलाती है दोस्त की याद
कभी मीठे सपनो में, कभी आहों
में आ जाती है उनकी याद
Amardeep “Rahul” n Roushan “DEVIL”
Posted by vivek on June 11, 2009 at 11:43 pm
wah ye dosti wali bahut hi accjhi lagi……..
aisa aage aur bhi likhiyega……..